गौरतलब रहे कि गुरुवार को ही अपर कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी डॉ. शालिनी श्रीवास्वत द्वारा किसी भी आपत्तिजनक अथवा उद्वेलित करने वाली चित्र, संदेश करने पर, साम्प्रदायिक संदेश एवं उनकी फॉरवर्डिंग, ट्विटर, फेसबुक, व्हाट्सअप, सोशल मीडिया पोस्ट करने, पोस्ट पर कमेंट करने की गतिविधियों एवं धरना, रैली, जुलुस तथा ध्वनि विस्तार यंत्रो के प्रयोग पर प्रतिबन्ध लगाया गया था। ओर आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के प्रावधानों के तहत अभियोजन की कार्रवाई की जाएगी एवं उक्त आदेश आगामी 02 माह तक प्रभावशील रहेगा ऐसा बताया गया था। समाचार लिखे जाने तक प्रशासन द्वारा किसी पर कोई कार्यवाही नहीं की गई थी।
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शुक्रवार, 20 फ़रवरी 2026
प्रशासन का आदेश दूसरे दिन ....???
प्रशासन का आदेश दूसरे दिन ....???
डेस्क रिपोर्ट। प्रशासन ने गुरुवार को जिले भर के लिए प्रतिबंधात्मक जो आदेश लागू किए थे जो शुक्रवार को तार - तार हो गए। आदेश में ये भी बताया गया था कि आदेश का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई होगी। मगर दूसरे दिन शुक्रवार को ही रैली भी निकाली गई और प्रदर्शन भी हुए। पहले एससी, एसटी, ओबीसी और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली। शाम को कांग्रेस ने पुतला दहन किया। यूजीसी के समर्थन में निकली रैली
प्रशासन के आदेश की धज्जियां उड़ाने की शुरुआत एससी, एसटी, ओबीसी और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने की। उन्होंने अंबेडकर सर्किल से रैली निकाली। जिन्हें भारी पुलिस बल ने कोर्ट चौराहे से आगे नहीं बढ़ने दिया। विधायक ओर कार्यकर्ता कलेक्टर कार्यालय तक जाने कोशिश में थे। एससी, एसटी, ओबीसी और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने यूजीसी के समर्थन में रैली निकाल कर स्टे को हटाने की भी मांग कर रहे थे। रैली में काफी संख्या में लोग मौजूद थे। धक्का मुक्की के बाद कोर्ट चौराहे पर ही ज्ञापन लिया गया और वही रैली का सम्पन्न हुआ।
कांग्रेस का पुतला दहन प्रदर्शन
रैली के कुछ देर बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के आदेश को तार - तार करते हुवे नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को औकात में रहने की सीख देने वाले प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ कांग्रेस का गुस्सा फूटा। शाम को कांग्रेसियों ने धानमंडी क्षेत्र में प्रदर्शन और नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री के पोस्टर लगे हुए पुतले फुके, हालांकि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के पोस्टर बाद में अलग से जलाएं। इस प्रदर्शन में भी पुलिस प्रशासन को काफी मशक्कत करना पड़ी। यहाँ तक की वाटर कैनन भी चलानी पड़ी।
गुरुवार को लगाया था, प्रतिबन्ध
रतलाम कांग्रेस का पुतला दहन प्रदर्शन
रतलाम कांग्रेस का पुतला दहन प्रदर्शन
रतलाम। कांग्रेस कार्यकर्ताओ ने शुक्रवार को धानमंडी में मध्यप्रदेश शासन के केबिनेट मंत्री का पुतला दहन किया। पुलिस द्वारा पुतला जलाने से रोकने के दौरान कार्यकर्ताओ की झूमाझटकी भी हुई। आख़िरकार पुलिस द्वारा वाटर केनन चलाकर पुतले में लगी आग को बुझा दिया गया। गुस्साए कार्यकर्ता पुलिस के सामने प्रदर्शन कर नारेबाजी करने लगे।
गौरतलब रहे कि बीते दिन मध्यप्रदेश सरकार के बजट भाषण के दौरान प्रदेश के केबिनेट मंत्री और विपक्ष के नेता उमंग सिंघार के बीच तीखी बहस हो गई थी। बहस के दौरान आपत्ति जनक बयान को लेकर शुक्रवार दोपहर 4 बजे कांग्रेस कार्यकर्ताओ ने धानमंडी पर मंत्री विजयवर्गीय का पुतला दहन किया। जैसे ही कार्यकर्ता विजयवर्गीय सहित पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम मोहन यादव का पोस्टर लगा पुतला जलाने लगे, वैसे ही पुलिस ने वाटर केनन चलाकर पुतले की आग को बुझा दिया। इसी दौरान पुतले पर लगा पोस्टर उड कर अलग हो गया। कार्यकर्ताओ ने मंत्री, सीएम और मोदी के पोस्टर को जलाने लगे तो पुलिस ने फायर ब्रिगेड और वाटर केनन चलाकर पोस्टर जलाने से रोक दिया।
पुतला दहन करने के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओ में हुई झड़प के बाद पुलिस ने फायर ब्रिगेड से कार्यकर्ताओं को खदेड़ दिया। इससे नाराज होकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस के सामने इकट्ठे होकर नाराजगी जाहिर करते हुए सरकार जब जब डरती है, पुलिस को आगे करती है के नारे लगाने लगे। कांग्रेस कार्यकर्ताओ ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय मुर्दाबाद के भी नारे भी लगाए।
तत्कालीन सीएमओ को रिश्वत मामले में सजा
तत्कालीन सीएमओ को रिश्वत मामले में सजा
जावरा। नगरपालिका में मार्च 2021 के दौरान सीएमओ रहते हुए ठेकेदार को फाइनल भुगतान के बदले रिश्वत लेने के मामले में रतलाम की विशेष कोर्ट ने 19 फरवरी 2026 को फैसला सुनाया। इसमें तत्कालीन सीएमओ रही नीता जैन और लिपिक विजय सिंह शक्तावत दोनों को चार-चार साल की सजा सुनाई गई है।
जानकारी के अनुसार कोर्ट ने इन्हें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धारा के तहत दोषी करार देते हुए यह फैसला दिया है। मामले की शिकायत पेटी कांट्रेक्टर पवन भावसार ने की थी। इसी के बाद लोकायुक्त उज्जैन की टीम ने 12 मार्च 2021 को नगरपालिका कार्यालय पहुंचकर बाबू शक्तावत की जैब से 18 हजार 500 रुपए की रिश्वत का लिफाफा जब्त किया था तथा ये राशि सीएमओ नीता जैन को दी जाना थी। इसलिए उन्हें भी आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया गया था।
कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त इंस्पेक्टर बसंत श्रीवास्तव ने कहा था कि सीएमओ नीता जैन द्वारा रुपए मांगने संबंधी बातचीत की रिकार्डिंग भी उपलब्ध है। इसी आधार पर दोनों के खिलाफ केस चला और अब कोर्ट ने फैसला सुनाया है।
बुधवार, 18 फ़रवरी 2026
पटवारी रिश्वत लेते धराया
पटवारी रिश्वत लेते धराया
मंदसौर। मध्यप्रदेश में भ्रष्ट अधिकारी कर्मचारियों के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई लगातार जारी है। इसके बाद भी भ्रष्टाचार के मामले कम नहीं हो रहे हैं। ताजा मामला मंदसौर जिले का है जहां पटवारी को रिश्वत लेते लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।जानकारी के अनुसार मामला मंदसौर जिले के सुवासरा तहसील का है जहा पदस्थ पटवारी हरीश पाटीदार रिश्वत लेते हुए पकड़ाया है। उसने भूमि के नामांतरण के लिए 40 हजार की रिश्वत मांगी थी। इसकी शिकायत पीड़ित ने लोकायुक्त से की थी।
शिकायत की पुष्टि के बाद 30 हजार रुपए लेते हुए लोकायुक्त की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई उज्जैन लोकायुक्त पुलिस ने की है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं तहत कार्रवाई की जा रही है।
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