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सोमवार, 18 मई 2026

दर्दनांक सड़क हादसा, एक की मौत


   सड़क हादसा, एक की मौत, तीन घायल

रतलाम। बांसवाड़ा मार्ग पर रविवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। एक अनियंत्रित कार पुलिया के नीचे गिर जाने से कार चालक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी और दो मासूम बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और राहगीरों व परिजनों की मदद से सभी घायलों को रतलाम मेडिकल कॉलेज भिजवाया।

जानकारी के अनुसार, सरवन निवासी गोपाल (35) पिता रमेशचंद्र टांक, रविवार को अपनी पत्नी ललिता टांक (33) और दो बच्चों कृष (7) व मोक्षित (4) के साथ किसी मन्नत के कार्यक्रम में शामिल होने रतलाम आए थे। रात को पूरा परिवार अपनी कार (क्रमांक MP43ZH2273) से वापस सरवन लौट रहे थे। तभी पुलिया वाले मोड़ पर कार अचानक अनियंत्रित हो गई और सीधे पुलिया के नीचे जा गिरी। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। सभी घायलों को तत्काल एम्बुलेंस की मदद से रतलाम मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। जहाँ डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद गोपाल टांक को मृत घोषित कर दिया। वहीं हादसे में गंभीर रूप से घायल पत्नी ललिता और दोनों बच्चों का उपचार जारी है।

रविवार, 17 मई 2026

राजधानी एक्सप्रेस में आग

           राजधानी एक्सप्रेस में आग
                 कोई जनहानि नहीं

डेस्क रिपोर्ट। त्रिवेंद्रम से दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस में रविवार तड़के अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। रतलाम जिले के आलोट क्षेत्र में लूणी रीछा और विक्रमगढ़ स्टेशन के बीच हुए इस हादसे के बाद यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और कई लोगों ने जान बचाने के लिए कोच से छलांग लगा दी। घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। राहत की बात यह रही कि अब तक किसी भी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है।

जानकारी के अनुसार, राजधानी एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 12431) रात करीब 3:45 बजे रतलाम जंक्शन से रवाना हुई थी। ट्रेन का अगला स्टॉप कोटा जंक्शन था, लेकिन राजस्थान सीमा में प्रवेश से पहले एसी कोच बी-1 में अचानक आग लग गई। बताया जा रहा है कि प्रभावित कोच में करीब 68 यात्री सवार थे।

घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने तत्काल ट्रेन का बिजली कनेक्शन बंद कर प्रभावित कोच को अलग किया। वहीं एहतियात के तौर पर दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर ट्रैफिक अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।

हालांकि घटना स्थल कोटा रेल मंडल क्षेत्र में आता है, लेकिन नजदीक होने के कारण रतलाम मंडल के डीआरएम अश्विनी कुमार मौके के लिए रवाना हो गए। रेलवे द्वारा राहत एवं बचाव कार्य के लिए दुर्घटना राहत ट्रेन और टॉवर वैगन भी भेजी गई है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। रेलवे अधिकारियों द्वारा मामले की जांच की जा रही है।



बुधवार, 13 मई 2026

इबादत, त्याग और समर्पण का पर्व

        इबादत, त्याग और समर्पण का पर्व
       
डेस्क रिपोर्ट। इस्लाम धर्म का प्रमुख त्योहार ईदुल अजहा, जिसे बकराइद या कुर्बानी का पर्व भी कहा जाता है. इस साल 27 या 28 मई को मनाया जा सकता है। इसकी सटीक तारीख चांद दिखने पर निर्भर करती है. इस्लामी कैलेंडर के अनुसार यह पर्व ज़ुल हिज्जा की 10वीं तारीख को मनाया जाता हैं, माना जा रहा है कि 17 या 18 मई को चांद नजर आ सकता है. जिसके बाद बकरीद की तारीख तय हो जाएगी।

ईदुलअजहा केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि इबादत, त्याग और अल्लाह के प्रति समर्पण का प्रतीक है. इस दिन मुसलमान पैगंबर इब्राहिम की कुर्बानी की भावना को याद करते है. जिन्होंने अल्लाह के हुक्म पर अपने सबसे प्रिय बेटे इस्माइल की कुर्बानी देने का वादा लिया था। इसी परंपरा के तहत मुसलमान भेड़, बकरी, ऊंट या भैंस की कुर्बानी देते है. उसके मांस को तीन हिस्सों में बांटते, एक परिवार, एक रिश्तेदारों और एक जरूरतमंदों के लिए दिया जाता है।

ज़ुल हिज्जा के पहले 10 दिन इस्लाम में बेहद मुकद्दस माने जाते है. इन दिनों में इबादत का सवाब कई गुना बढ़ जाता है। खास बात यह है कि जो लोग कुर्बानी करने का इरादा रखते है उनके लिए एक विशेष अमल बताया गया है, वे कुर्बानी होने तक अपने बाल और नाखून न काटें. यह परंपरा हजरत मोहम्मद सा.की हदीसों पर आधारित है। हदीस में उल्लेख मिलता है कि ज़ुल हिज्जा का चांद दिखने के बाद, कुर्बानी करने वाला व्यक्ति बाल और नाखून काटने से परहेज करे।

दीन के अनुसार यह अमल हज पर जाने वाले हाजियों की तरह सादगी और परहेज़गारी अपनाने का प्रतीक भी है। यह इंसान को सब्र, अनुशासन और अल्लाह के करीब होने का एहसास कराता है, साथ ही यह भी संदेश देता है कि कुर्बानी केवल जानवर की नहीं, बल्कि अपनी इच्छाओं और अहंकार की भी होनी चाहिए, हालांकि, यह नियम अनिवार्य नहीं बल्कि मुस्तहब माना गया है। यदि कोई व्यक्ति अनजाने में बाल या नाखून काट लेता है, तो उसकी कुर्बानी पर कोई असर नहीं पड़ता. ज़ुल हिज्जा के ये दिन इबादत के साथ सब्र और इंसानियत की भावना को मजबूत करने का जस्बा देते है।


विवादित टिप्पणी को लेकर समाज सड़कों पर

     विवादित टिप्पणी को लेकर समाज 
                       सड़कों पर
भोपाल। राजधानी में मुस्लिम युवक की पिटाई के दौरान इस्लाम को लेकर विवादित टिप्पणी करने पर बवाल मच गया। देर रात बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज सड़क पर उतर गया जिससे तनाव बढ़ गया। ओल्ड सिटी में मुस्लिम समाज ने विरोध जताते हुए आरोपियों पर सख्त कार्रवाई और नामजद FIR की मांग की। इस दौरान उन्होंने अल्लाह हू अकबर के नारे भी लगाए।

गौरतलब है कि गोविंदपुर थाना क्षेत्र में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने एक मुस्लिम युवक और एक हिंदू युवती को होटल से पकड़ा था। कार्यकर्ताओं ने मुस्लिम युवक के साथ मारपीट कर गोबर  खिला दिया था। मारपीट के दौरान इस्लाम ओर अल्लाह को लेकर विवादित टिप्पणी की गई थी। उस विवादित टिप्पणी को लेकर हजारों लोग सड़क पर उतर आए कई युवा कह रहे थे, की धर्म पर टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

गुस्साई भीड़ को विधायक आरिफ मसूद और विधायक आतिफ अकील ने समझाया जिसके बाद प्रदर्शनकारी वापस लौट गए। बता दें कि कल दिन में भी पुलिस कमिश्नर ऑफिस का घेराव किया गया था। 

वायरल वीडियो में मारपीट के दौरान अल्लाह को लेकर विवादित टिप्पणी की गई थी। वहीं हिन्दू संगठन ने लव जिहाद का आरोप लगाया था। इस मामले में मुस्लिम युवक पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। लड़की ने पुलिस को बताया था कि वह लड़के को 5 साल से जानती है। ओर दोनों की सहमति से मिलते थे।





मंगलवार, 12 मई 2026

जिला जेल में शर्मनाक वारदात

     बंदी ने लगाया यौन शोषण का आरोप
रतलाम ।  जिला सर्किल जेल में एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां बंद 19 वर्षीय युवक ने अपने साथ यौन शोषण किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने मेडिकल बोर्ड से जांच और सीजेएम के समक्ष बयान दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार मामला रतलाम जिला सर्किल जेल का है। एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल में बंद 19 वर्षीय युवक ने आरोप लगाया है कि जेल में बंद एक अन्य कैदी ने उसके साथ जबरन शारीरिक शोषण किया। पीड़ित युवक का कहना है कि उसने इसकी शिकायत जेल प्रशासन से भी की थी, लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई।

घटना का खुलासा उस समय हुआ जब युवक के पिता उससे मिलने जेल पहुंचे। मुलाकात के दौरान युवक ने पूरी आपबीती अपने पिता को बताई। इसके बाद परिजनों ने पहले जेल प्रशासन से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर कानूनी रास्ता अपनाया गया। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता ने जेल पहुंचकर युवक से मुलाकात की और तथ्यों की जानकारी लेने के बाद जावरा स्थित एनडीपीएस एक्ट के विशेष न्यायाधीश की कोर्ट में आवेदन पेश किया। आवेदन में निष्पक्ष जांच और आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई।

मामले को गंभीर मानते हुए विशेष न्यायालय ने जिला जेल प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि पीड़ित का मेडिकल परीक्षण मेडिकल बोर्ड या मुख्य चिकित्सा अधिकारी से कराया जाए। साथ ही मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष युवक के बयान दर्ज कराने के भी आदेश दिए गए हैं। कोर्ट के सख्त रुख के बाद जेल प्रशासन भी हरकत में आ गया है। जेल अधीक्षक का कहना है कि मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है और न्यायालय के निर्देशानुसार बंदी का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा।


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