सहकारी समिति घोटाले में छह निलंबित
सहकारी समिति घोटाले में छह निलंबित
डेस्क रिपोर्ट। प्रदेश में आए दिन सरकारी अधिकारी और कर्मचारीयो के रंगेहाथ पकडाने के बाद भी अधिकारी और कर्मचारी समझ ने को तैयार नहीं हे , सूत्रों की माने तो ऐसा ही एक मामला किसानों के नाम पर फर्जी ऋण स्वीकृत करके गबन करने में ग्वालियर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की पिछोर शाखा के तत्कालीन छह अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित करने के साथ एक संविदा कर्मचारी की सेवा समाप्त कर दी गई है। इनके खिलाफ एफआइआर भी दर्ज कराई जाएगी। वहीं, छह अधिकारियों-कर्मचारियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। सहकारिता मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी दोषी अधिकारी-कर्मचारी को बख्शा न जाए। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक ग्वालियर की पिछोर शाखा से संबद्ध पुट्टी और भगेह सहकारी समिति में आठ करोड़ 37 लाख रुपये की अनियमितता प्रकाश में आई थी।सहकारिता विभाग ने विशेष जांच दल भेजकर जांच कराई गई। इसमें पिछोर शाखा में पदस्थ रहे तत्कालीन दो शाखा प्रबंधक और चार लिपिक के साथ बैंक के तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी दोषी पाए गए। इसमें संविदा पर पदस्थ लिपिक जसवंत कुशवंशी की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। वहीं, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक ग्वालियर के तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी आरबीएस ठाकुर सहित अन्य के खिलाफ एफआइआर कराने की कार्रवाई की जा रही है। शाखा प्रबंधक अरविंद सिंह तोमर, पीके श्रीवास्तव, लिपिक शिखा गुप्ता, लवली नाडिया, प्रशांत रामपुरिया, राघवेन्द्र पाल और भृत्य देवेन्द्र शर्मा को निलंबित किया गया है। वहीं, सहकारिता निरीक्षक भूपेन्द्र सिंह को निलंबित करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
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